अद्यतनीयं क्रियापदम् – Verb of the day-प्रोक्षति

अद्यतनीयं क्रियापदम् – Verb  of the day

आज का क्रियापद प्र उपसर्ग पूर्वक  उक्ष् (सेचने) धातु  लट् लकार प्र.पु.एकवचन का रूप है । जिसके रूप इस प्रकार चलते हैं

 

उक्ष् (सेचने) धातु  लट्लकार  (परस्मैपदम्)

 

एकवचनम् द्विवचनम् बहुवचनम्
प्रथम पुरुष प्रोक्षति प्रोक्षतः प्रोक्षन्ति
मध्यम पुरुष प्रोक्षसि प्रोक्षथः प्रोक्षथ
उत्तम पुरुष प्रोक्षामि प्रोक्षावः प्रोक्षामः

आज का क्रिया पद  उपर्युक्त उक्ष् सेचने  धातु के प्रथम पुरुष एक वचन का रूप है 

क्रियापदम्
प्रोक्षति (प्र+उक्ष् (सेचने) धातु लट् लकार प्र.पु.एकवचन )
अर्थः – पोंछता/पोंछती है(wipe)
प्रयोगवाक्यानि  –
  1. राधिका हस्तौ प्रोक्षति। (राधिका हाथ पोंछती है )
  2. सन्तोषः मुखं प्रोक्षति। (सन्तोष मुख पोंछता है )
  3. दामिनी पात्राणि प्रोक्षति। ( दामिनी बर्तन पोंछती है )
  4. शिवांशः दर्पणं प्रोक्षति। (शिवांश शीशा पोंछता है )

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