नीतिश्लोक – नीतिशतकम् – साहित्य सङ्गीत कला विहीनः……

श्लोक -वाचन  भावार्थ  साहित्य (गद्य,पद्य, नाटक आदि साहित्य) सङ्गीत (संगीत) कला (कौशल) विहीनः (बिना) साक्षात्पशुः (प्रत्यक्ष जानवर) पुच्छ (पूँछ) विषाण (सींग) हीनः (बिना)। तृणं (तिनका/ घास) न खादन्नपि (न खाते …

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नीतिश्लोक -विदुरनीति-अभियुक्तं  बलवता दुर्बलं हीनसाधनम्

प्रस्तावना  धृतराष्ट्र व्याकुल थे उन्होंने दूत भेजकर विदुर से मिलने की इच्छा जाहिर की। दूत का सन्देश पाकर विदुर धृतराष्ट्र से मिलने महल पहुंचे। धृतराष्ट्र संजय को लेकर बहुत परेशान …

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